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पंचांग एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है – "पाँच अंगों वाला"। यह हिंदू कालगणना की आधारशिला है और इसे देखकर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहार, विवाह मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति आदि तय की जाती है।
तिथि (Date)
चंद्रमा की स्थिति के आधार पर दिन को "तिथि" कहा जाता है। हर तिथि शुभ या अशुभ कार्यों के लिए अलग-अलग महत्व रखती है।
👉 जैसे – प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया ... अमावस्या, पूर्णिमा
वार (Day of Week)
सात वार होते हैं – रविवार से शनिवार तक। हर दिन का एक देवता और विशेषता होती है।
👉 जैसे – मंगलवार हनुमान जी के लिए शुभ होता है।
नक्षत्र (Constellation)
चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र में भ्रमण करता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं।
👉 जैसे – अश्विनी, अनुराधा, पुष्य, रोहिणी आदि।
योग (Luni-solar combination)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से मिलकर एक योग बनता है। कुल 27 योग होते हैं।
👉 कुछ योग शुभ माने जाते हैं, जैसे – शुभ, सिद्ध, अमृत।
करण (Half of a Tithi)
हर तिथि के दो भाग होते हैं, उन्हें करण कहते हैं। कुल 11 करण होते हैं।
👉 जैसे – बालव, कौलव, तैतिल, विष्टि (भद्र)
🔹 शुभ मुहूर्त निकालने के लिए – विवाह, गृह प्रवेश, पूजा-पाठ, नए काम की शुरुआत
🔹 व्रत-त्योहार की तिथि जानने के लिए
🔹 ज्योतिषीय गणना के लिए – ग्रहों की दशा, गोचर, कुंडली मिलान
🔹 चंद्र-सूर्य आधारित समय जानने के लिए (अधिक मास, क्षय मास, आदि)
वैदिक पंचांग – सूर्य और चंद्र गणना पर आधारित
तमिल पंचांग, बंगाली पंचांग, तेलुगु पंचांग – क्षेत्रीय पंचांग
पंचांग = हिंदू धर्म का टाइम टेबल + खगोलीय गणना का संयोजन
यह हमें बताता है कि कब क्या करना शुभ होता है, कौन-सी तिथि व्रत या अनुष्ठान के लिए उचित है।
📍 स्थान: बिहार (पटना)
| दिनांक | वार | तिथि (हिंदू) |
पर्व / व्रत |
|---|---|---|---|
| 3 जुलाई | गुरुवार | आषाढ़ शुक्ल द्वादशी | वामन द्वादशी व्रत |
| 4 जुलाई | शुक्रवार | त्रयोदशी | प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष) |
| 5 जुलाई | शनिवार | चतुर्दशी | गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या |
| 6 जुलाई | रविवार | आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा | गुरु पूर्णिमा, सत्यनारायण पूजा |
| 7 जुलाई | सोमवार | श्रावण कृष्ण प्रतिपदा | श्रावण मास आरंभ (शिव आराधना प्रारंभ) |
| 10 जुलाई | गुरुवार | चतुर्थी | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 जुलाई | रविवार | सप्तमी | सूर्य पूजा (रविवार विशेष) |
| 14 जुलाई | सोमवार | अष्टमी | सोम प्रदोष व्रत |
| 15 जुलाई | मंगलवार | नवमी | मासिक दुर्गा नवमी |
| 17 जुलाई | गुरुवार | एकादशी | कामिका एकादशी व्रत |
| 18 जुलाई | शुक्रवार | द्वादशी | व्रत पारण / वैष्णव द्वादशी |
| 19 जुलाई | शनिवार | त्रयोदशी | प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) |
| 20 जुलाई | रविवार | चतुर्दशी | मासिक शिवरात्रि |
| 21 जुलाई | सोमवार | अमावस्या | श्रावण अमावस्या – पितृ तर्पण |
| 22 जुलाई | मंगलवार | शुक्ल प्रतिपदा | शुक्ल पक्ष प्रारंभ |
| 24 जुलाई | गुरुवार | तृतीया | हरियाली तीज (कुछ क्षेत्रों में) |
| 27 जुलाई | रविवार | षष्ठी | स्कंद षष्ठी |
| 31 जुलाई | गुरुवार | एकादशी | श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी |
गुरु पूर्णिमा: 6 जुलाई (रविवार) – ऋषि व्यास की जयंती, गुरु पूजन
श्रावण मास आरंभ: 7 जुलाई – विशेष शिव पूजन माह
कामिका एकादशी: 17 जुलाई – मोक्षदायिनी
श्रावण अमावस्या: 21 जुलाई – पितृ तर्पण, दान-पुण्य
पुत्रदा एकादशी: 31 जुलाई – संतान प्राप्ति की कामना हेतु व्रत
सूर्योदय: लगभग 05:00 AM – 05:05 AM
सूर्यास्त: लगभग 06:40 PM – 06:45 PM
यह पंचांग पारंपरिक हिंदू धर्मशास्त्र एवं खगोल गणना पर आधारित है।
व्रत-त्योहारों की तिथियाँ पंचांग अनुसार दिन बदल सकती हैं — इसलिए स्थानीय मंदिर/पंडित से पुष्टि करें।
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