महामृत्युंजय जाप

महामृत्युंजय जाप — हिंदू धर्म का अत्यंत शक्तिशाली और प्राचीन वैदिक मंत्र है, जो मृत्यु के भय, रोगों और मानसिक कष्टों से रक्षा करता है। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है, जिन्हें "मृत्यु को जीतने वाले" कहा गया है।


🕉️ महामृत्युंजय मंत्र:

 

ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥


🌿 मंत्र का अर्थ:

हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की उपासना करते हैं, जो सुगंधित हैं और जीवन को पुष्ट करते हैं। जैसे पककर स्वतः बेल (खीरा) डंठल से अलग हो जाता है, वैसे ही हम मृत्यु के बंधन से मुक्त हों — परंतु अमरतत्व (मोक्ष) को न छोड़ें।


🙏 जाप के लाभ (Benefits):

लाभ विवरण
🔹 रोग निवारण गंभीर बीमारियों में चमत्कारिक लाभ
🔹 मृत्यु भय से रक्षा अकाल मृत्यु से सुरक्षा
🔹 मन की शांति चिंता, भय, तनाव का शमन
🔹 नकारात्मक ऊर्जा से बचाव ऊपरी बाधा व शारीरिक-मानसिक संतुलन
🔹 परिवार के संकटों का निवारण घर में शुभता, समृद्धि और स्वास्थ्य

 


📿 महामृत्युंजय जाप विधि:

🔸 जाप से पहले की तैयारी:

कार्य विवरण
📅 दिन सोमवार, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, सावन का कोई भी दिन श्रेष्ठ
⏰ समय प्रातः 4–6 AM (ब्रह्ममुहूर्त) या रात 8–10 बजे शांति से
📍 स्थान मंदिर, शिवालय, या घर का शांत स्थान
🧘 आसन कुशासन या ऊन का आसन (माला के नीचे चोला रखें)
📿 माला रुद्राक्ष माला (108 मनकों वाली) – अंगूठा व मध्यमा से जप करें

 


🔸 पूजन विधि (संक्षेप में):

  1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें

  2. शिवलिंग या शिव चित्र स्थापित करें

  3. दीपक, धूप, जल, बेलपत्र, अक्षत, पुष्प, दूध, शहद, दही से पूजन करें

  4. संकल्प लें – (जप की संख्या, किस उद्देश्य से)

  5. शिवलिंग पर जल या पंचामृत अर्पित करें

  6. 108 बार, 1008 बार, या 1.25 लाख (अनुष्ठानिक) बार मंत्र जाप करें

  7. अंत में आरती, प्रार्थना और प्रसाद वितरण करें


📜 संकल्प मंत्र (उदाहरण):

 

"ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:। मम (नाम)स्य (गोत्र)स्य, अमुक कार्य सिद्ध्यर्थं, रोग निवृत्त्यर्थं वा, आयुरारोग्य ऐश्वर्य वृद्ध्यर्थं, महामृत्युंजय मंत्र जपं करिष्ये।"


🔁 जाप की संख्याएँ (अनुसार उद्देश्य):

उद्देश्य संख्या
रोग निवारण (हल्का) 108 बार प्रतिदिन, 11 दिन
शांति और भय नाश 1008 बार (एक बार में या 3–7 दिन में)
विशेष अनुष्ठान 11,000 / 1.25 लाख जप, हवन सहित
मृत्यु संकट में 1.25 लाख मंत्र + महामृत्युंजय हवन

 


🔥 महामृत्युंजय हवन विधि (संक्षिप्त):

  1. हवन कुंड बनाएं, गाय के गोबर या आम की लकड़ी

  2. घी, तिल, जौ, गुड़, पंचमेवों से आहुति दें

  3. प्रत्येक मंत्र के साथ – “स्वाहा” कहें

  4. 108/1008 बार आहुति दें

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